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Class 11 • Biology • Jeev Vigyan

Chapter 14: श्वसन और गैसों का विनिमय

मानव श्वसन तंत्र, गैस विनिमय, परिवहन, नियमन और विकार।

Original notes — ready Educational Galaxy के अपने शब्दों में Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali)

Print: browser से PDF save कर सकते हैं। यह कोई textbook PDF नहीं है।

श्वसन और गैसों का विनिमय — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में

Book: Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11 Biology)  |  Chapter 14  |  Medium: हिंदी (English technical शब्द साथ में)

यह पृष्ठ Educational Galaxy के अपने मूल नोट्स हैं — किताब की नकल नहीं। यहाँ कोई आधिकारिक BSTBPC PDF नहीं दिया जाता है और यह पृष्ठ पाठ्यपुस्तक का विकल्प नहीं है।

मानव श्वसन तंत्र और श्वसन क्रियाविधि

मानव श्वसन तंत्र में नासिका, ग्रसनी, स्वरयंत्र, श्वासनली, श्वसनी, श्वसनिकाएँ और फेफड़े आते हैं। श्वासनली में C-आकार के उपास्थि वलय होते हैं जो इसे पिचकने से बचाते हैं। फेफड़ों में वायुकोष्ठिकाएँ (एल्वियोली) होती हैं — लगभग 30 करोड़, जिनकी सतह विशाल होती है और दीवारें पतली (एक कोशिका मोटी) तथा रक्त केशिकाओं से घिरी होती हैं।

अंतःश्वसन में डायाफ्राम सिकुड़कर चपटा होता है और पसलियाँ ऊपर-बाहर उठती हैं — वक्ष गुहा का आयतन बढ़ता है, दाब घटता है और वायु भीतर आती है। निःश्वसन में ये पेशियाँ शिथिल होती हैं — आयतन घटता है, दाब बढ़ता है और वायु बाहर जाती है। श्वसन आयतन: ज्वारीय आयतन (TV) ~500 mL, अंतःश्वसन आरक्षित (IRV) ~3000 mL, निःश्वसन आरक्षित (ERV) ~1100 mL, अवशिष्ट (RV) ~1200 mL; जैव क्षमता (VC) ~4600 mL और फेफड़ों की कुल धारिता (TLC) ~5800 mL होती है।

गैस विनिमय और परिवहन

गैस विनिमय केवल कूपिका क्षेत्र में होता है, क्योंकि वहाँ पतली झिल्ली, विशाल सतह और सघन केशिका जाल होता है — श्वसन तंत्र के अन्य भाग (श्वासनली आदि) केवल वायु मार्ग हैं। विनिमय आंशिक दाब के अंतर से विसरण द्वारा होता है — कूपिका में pO₂ अधिक (159 mmHg) और pCO₂ कम, ऊतकों में उल्टा।

ऑक्सीजन का मुख्य परिवहन ऑक्सीहीमोग्लोबिन के रूप में होता है — एक हीमोग्लोबिन 4 O₂ अणु ले जाता है; ऑक्सीजन वियोजन वक्र S-आकार (सिग्मॉइड) का होता है, क्योंकि हीमोग्लोबिन का O₂ से बंधन सहकारी होता है। CO₂ का लगभग 70% परिवहन बाइकार्बोनेट (HCO₃⁻) के रूप में प्लाज़्मा में होता है (कार्बोनिक एनहाइड्रेज़ एंजाइम से), 20-25% कार्बएमीनोहीमोग्लोबिन के रूप में और शेष घुलित रूप में। pCO₂ बढ़ने और pH घटने से हीमोग्लोबिन O₂ छोड़ता है (बोहर प्रभाव)।

श्वसन का नियमन और विकार

श्वसन लय मस्तिष्क के मेडुला क्षेत्र स्थित श्वसन केंद्र द्वारा बनाए रखी जाती है; पोंस क्षेत्र स्थित श्वास अनुचन (न्यूमोटैक्सिक) केंद्र और रसो संवेदी क्षेत्र श्वसन क्रियाविधि को परिवर्तित कर सकते हैं। रक्त में CO₂ और H⁺ की वृद्धि श्वसन दर बढ़ाती है — यही कारण है कि व्यायाम में श्वसन तेज़ होता है।

विकार: अस्थमा — श्वसनिकाओं की सूजन और संकुचन से साँस लेने में कठिनाई; वातस्फीति (एम्फाइसीमा) — कूपिका दीवारें नष्ट, गैस विनिमय घटता है, धूम्रपान मुख्य कारण; व्यावसायिक श्वसन रोग — धूल (सिलिका, एस्बेस्टस) से फेफड़ों में तंतुमयता; अनॉक्सी/हाइपॉक्सिया — ऊतकों में ऑक्सीजन की कमी। ऊँचाई पर वायु दाब कम होने से O₂ कम मिलता है — शरीर RBC बढ़ाकर और श्वसन तेज़ करके अनुकूलन करता है।

तालिका / चार्ट — एक नज़र में

आयतनमान (लगभग)
ज्वारीय आयतन (TV)500 mL
अंतःश्वसन आरक्षित (IRV)3000 mL
निःश्वसन आरक्षित (ERV)1100 mL
अवशिष्ट (RV)1200 mL
जैव क्षमता (VC)4600 mL
कुल धारिता (TLC)5800 mL

श्वसन और गैसों का विनिमय — हवा का रास्ता

चित्र 1: चित्र 1 में हवा का रास्ता नासिका से रक्त तक दिखाया गया है।

श्वसन और गैसों का विनिमय — याद रखने योग्य बातें

चित्र 2: चित्र 2 में इस अध्याय की चार सबसे ज़रूरी बातें संक्षेप में दी गई हैं।

श्वसन और गैसों का विनिमय — नया लेबल चित्र

नया चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): मानव श्वसन तंत्र — हवा का रास्ता — सभी लेबल चित्र पर ही दिए गए हैं।

मुख्य शब्द / Key Terms

  • एल्वियोली: गैस विनिमय की थैली।
  • हीमोग्लोबिन: ऑक्सीजन ले जाने वाला वर्णक।
  • डायाफ्राम: श्वसन की मुख्य पेशी।
  • अस्थमा: श्वसन नलिकाओं का सिकुड़ना।
  • वातस्फीति: एल्वियोली की दीवारों का नष्ट होना।
  • कूपिका: गैस विनिमय की थैलीनुमा इकाई।
  • बोहर प्रभाव: pCO₂ बढ़ने से O₂ का वियोजन बढ़ना।
  • न्यूमोटैक्सिक केंद्र: पोंस का श्वसन-नियमन केंद्र।
  • कार्बोनिक एनहाइड्रेज़: CO₂ → बाइकार्बोनेट वाला एंजाइम।
  • वातस्फीति: कूपिका दीवार नष्ट होने का रोग।
  • हाइपॉक्सिया: ऊतकों में ऑक्सीजन की कमी।

याद रखें

  • गैस विनिमय एल्वियोली में होता है।
  • ऑक्सीजन हीमोग्लोबिन से जुड़ती है।
  • CO₂ बाइकार्बोनेट के रूप में जाती है।
  • श्वसन में डायाफ्राम की भूमिका याद करें।
  • धूम्रपान वातस्फीति का कारण है।

परीक्षा टिप / आम गलती

आम गलती: साँस लेना और श्वसन को एक समझ लेना। साँस लेना हवा का आना-जाना है; श्वसन कोशिका में ऊर्जा निकलने की प्रक्रिया है।

जानकारी: ऑक्सीजन वियोजन वक्र का S-आकार हीमोग्लोबिन के सहकारी बंधन से आता है — यही कारण है कि फेफड़ों में O₂ आसानी से जुड़ता है और ऊतकों में आसानी से छूटता है।
सावधान: भ्रम: सामान्य निःश्वसन के बाद फेफड़ों में बची वायु अवशिष्ट आयतन (RV, ~1200 mL) है, न कि कार्यात्मक अवशिष्ट धारिता (ERV + RV) — दोनों को अलग-अलग याद रखें।
टिप: TV, IRV, ERV, RV, VC, TLC की संख्याएँ और CO₂ परिवहन के तीनों रूपों के प्रतिशत (70%, 20-25%, शेष) — ये संख्यात्मक प्रश्न हर वर्ष आते हैं।

अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)

  1. गैस विनिमय कहाँ होता है? संकेत: एल्वियोली में।
  2. ऑक्सीजन रक्त में कैसे जाती है? संकेत: हीमोग्लोबिन से जुड़कर।
  3. CO₂ मुख्यतः किस रूप में जाती है? संकेत: बाइकार्बोनेट के रूप में।
  4. अस्थमा क्या है? संकेत: श्वसन नलिकाओं का सिकुड़ना।
  5. डायाफ्राम का कार्य क्या है? संकेत: वक्ष गुहा का आयतन बदलकर साँस लेना।

प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers

  1. श्वासनली में उपास्थि वलय क्यों होते हैं? उत्तर: C-आकार के वलय श्वासनली को पिचकने से बचाते हैं, ताकि वायु मार्ग हमेशा खुला रहे।
  2. गैस विनिमय केवल कूपिका क्षेत्र में क्यों होता है? उत्तर: क्योंकि वहाँ पतली एक-कोशिका दीवार, विशाल सतह और सघन केशिका जाल होता है; अन्य भाग केवल वायु मार्ग हैं।
  3. ऑक्सीजन वियोजन वक्र S-आकार का क्यों होता है? उत्तर: क्योंकि हीमोग्लोबिन का O₂ से बंधन सहकारी होता है — एक O₂ जुड़ने से अगले का बंधन आसान हो जाता है।
  4. बोहर प्रभाव क्या है? उत्तर: ऊतकों में pCO₂ बढ़ने और pH घटने से हीमोग्लोबिन का O₂ से बंधन कमज़ोर होता है और O₂ अधिक मुक्त होता है।
  5. CO₂ के परिवहन के तीन रूप बताइए। उत्तर: ~70% बाइकार्बोनेट (प्लाज़्मा में), 20-25% कार्बएमीनोहीमोग्लोबिन (RBC में), शेष घुलित रूप में।
  6. श्वसन लय कौन बनाए रखता है? उत्तर: मेडुला में स्थित श्वसन केंद्र; पोंस का न्यूमोटैक्सिक केंद्र इसे परिवर्तित करता है।
  7. अस्थमा और वातस्फीति में अंतर बताइए। उत्तर: अस्थमा — श्वसनिका सूजन/संकुचन, प्रतिवर्ती; वातस्फीति — कूपिका दीवार नष्ट, अनुत्क्रमणीय, धूम्रपान मुख्य कारण।
  8. ऊँचाई पर श्वसन पर क्या प्रभाव पड़ता है? उत्तर: वायु दाब और pO₂ कम होने से श्वसन तेज़ होता है और शरीर RBC बढ़ाकर अनुकूलन करता है।

बोर्ड परीक्षा प्रश्न — Board-pattern अभ्यास प्रश्न

ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड प्रश्नों की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।

  1. अंतःश्वसन में डायाफ्राम कैसा होता है? उत्तर: सिकुड़कर चपटा हो जाता है, आयतन बढ़ता है।
  2. वातस्फीति में गैस विनिमय क्यों घटता है? उत्तर: क्योंकि एल्वियोली की दीवारें नष्ट हो जाती हैं।
  3. हीमोग्लोबिन कहाँ पाया जाता है? उत्तर: लाल रक्त कोशिकाओं में।
  4. ऑक्सीजन विसरण किस दिशा में होता है? उत्तर: अधिक सांद्रता से कम सांद्रता की ओर।
  5. धूम्रपान से फेफड़ों को क्या हानि है? उत्तर: एल्वियोली नष्ट होती हैं और श्वसन क्षमता घटती है।

पुस्तक की प्रश्नावली से — Extension Q&A

नीचे के प्रश्न पुस्तक की प्रश्नावली (अभ्यास) के प्रश्न हैं, EG के अपने शब्दों में पूछे गए हैं और उनके उत्तर भी EG के अपने शब्दों में दिए गए हैं — किताब का हूबहू पाठ नहीं छापा गया है।

  1. अभ्यास 1: जैव क्षमता की परिभाषा दें और इसका महत्व बताएं। उत्तर: जैव क्षमता = बलपूर्वक निःश्वसन के बाद भीतर ली जा सकने वाली अधिकतम वायु (TV + IRV + ERV, ~4600 mL); यह फेफड़ों की कार्यक्षमता और श्वसन स्वास्थ्य का माप है।
  2. अभ्यास 2: सामान्य निःश्वसन के उपरांत फेफड़ों में शेष वायु के आयतन को बताएं। उत्तर: कार्यात्मक अवशिष्ट धारिता (ERV + RV) = लगभग 2300 mL; इसमें अवशिष्ट आयतन अकेले ~1200 mL है।
  3. अभ्यास 3: गैसों का विसरण केवल कूपकीय क्षेत्र में होता है, श्वसन तंत्र के किसी अन्य भाग में नहीं — क्यों? उत्तर: क्योंकि केवल कूपिका क्षेत्र में पतली झिल्ली, विशाल सतह और केशिका जाल है; श्वासनली आदि की दीवार मोटी और परिवहन के लिए अनुपयुक्त है।
  4. अभ्यास 4: CO₂ के परिवहन (ट्रांसपोर्ट) की मुख्य क्रियाविधि क्या है? व्याख्या करें। उत्तर: बाइकार्बोनेट रूप में — RBC में कार्बोनिक एनहाइड्रेज़ CO₂ + H₂O → H₂CO₃ → H⁺ + HCO₃⁻ बनाता है; HCO₃⁻ प्लाज़्मा में जाता है; फेफड़ों में क्रिया उल्टी होकर CO₂ मुक्त होती है।
  5. अभ्यास 5: कूपिका वायु की तुलना में वायुमंडलीय वायु में pO₂ तथा pCO₂ कितनी होगी, मिलान करें — (i) pO₂ न्यून, pCO₂ उच्च (ii) pO₂ उच्च, pCO₂ न्यून (iii) pO₂ उच्च, pCO₂ उच्च (iv) pO₂ न्यून, pCO₂ न्यून। उत्तर: (i) — कूपिका वायु में वायुमंडल की तुलना में pO₂ न्यून और pCO₂ उच्च होती है (क्योंकि O₂ रक्त में जाती है और CO₂ कूपिका में आती है)।
  6. अभ्यास 6: सामान्य स्थिति में अंतःश्वसन प्रक्रिया की व्याख्या करें। उत्तर: डायाफ्राम सिकुड़कर चपटा, पसलियाँ ऊपर-बाहर — वक्ष आयतन बढ़ता है, फेफड़ों का दाब घटता है, वायु भीतर आती है।
  7. अभ्यास 7: श्वसन का नियमन कैसे होता है? उत्तर: मेडुला का श्वसन केंद्र लय बनाता है; पोंस का न्यूमोटैक्सिक केंद्र दर नियंत्रित करता है; रक्त के CO₂/H⁺ स्तर रसो संवेदी क्षेत्र से दर बढ़ाते हैं।
  8. अभ्यास 8: pCO₂ का ऑक्सीजन के परिवहन में क्या प्रभाव है? उत्तर: pCO₂ बढ़ने से हीमोग्लोबिन O₂ छोड़ता है (बोहर प्रभाव) — ऊतकों में O₂ मुक्ति बढ़ती है।
  9. अभ्यास 9: पहाड़ पर चढ़ने वाले व्यक्ति की श्वसन प्रक्रिया में क्या प्रभाव पड़ता है? उत्तर: कम वायु दाब से pO₂ घटता है — श्वसन तेज़ होता है, हृदय गति बढ़ती है, धीरे-धीरे RBC बढ़कर अनुकूलन होता है; तीव्र चढ़ाई से पर्वतीय रोग (सिरदर्द, थकान) हो सकता है।
  10. अभ्यास 10: कीटों में श्वसन क्रियाविधि कैसी होती है? उत्तर: श्वासनली (ट्रेकिया) तंत्र से — वायु श्वासरंध्रों से ट्रेकिया/ट्रेकियोल में जाकर सीधे ऊतकों तक पहुँचती है; रक्त श्वसन में भाग नहीं लेता।
  11. अभ्यास 11: ऑक्सीजन वियोजन वक्र की परिभाषा दें; क्या आप इसकी सिग्माभ आकृति का कोई कारण बता सकते हैं? उत्तर: pO₂ के सापेक्ष हीमोग्लोबिन की O₂ संतृप्ति का वक्र; S-आकार सहकारी बंधन के कारण है — पहला O₂ जुड़ने से अगले का बंधन आसान होता है।
  12. अभ्यास 12: क्या आपने अवक्सीजनता (हाइपोक्सिया) (न्यून ऑक्सीजन) के बारे में सुना है? इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करें व साथियों के बीच चर्चा करें। उत्तर: चर्चा-आधारित प्रश्न — हाइपॉक्सिया = ऊतकों में O₂ की कमी (ऊँचाई, फेफड़ों के रोग, रक्ताल्पता, CO विषाक्तता से); लक्षण — सिरदर्द, थकान, साँस फूलना; उपचार — ऑक्सीजन देना, कारण दूर करना।
  13. अभ्यास 13: निम्न के बीच अंतर करें — (क) IRV (आई आर वी) ERV (इ आर वी) (ख) अंतः श्वसन क्षमता (IC) और निःश्वसन क्षमता (ग) जैव क्षमता तथा फेफड़ों की कुल धारिता। उत्तर: (क) IRV — सामान्य अंतःश्वसन के बाद और भीतर ली जा सकने वाली वायु (~3000 mL); ERV — सामान्य निःश्वसन के बाद और बाहर निकाली जा सकने वाली वायु (~1100 mL)। (ख) IC = TV + IRV (~3500 mL); EC = TV + ERV (~1600 mL)। (ग) VC = TV + IRV + ERV (~4600 mL); TLC = VC + RV (~5800 mL)।
  14. अभ्यास 14: ज्वारीय आयतन क्या है? एक स्वस्थ मनुष्य के लिए एक घंटे के ज्वारीय आयतन (लगभग मात्रा) को आंकलित करें। उत्तर: सामान्य श्वसन में भीतर/बाहर आने वाली वायु (~500 mL)। एक घंटे में: 500 mL × 12-16 प्रति मिनट × 60 ≈ 360-480 लीटर (15/मिनट की दर से लगभग 450 लीटर)।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, फिर तालिका और चित्र देखें, उसके बाद Practice set स्वयं करें और अंत में Extension Q&A से अपनी तैयारी जाँचें।

Recap — याद रखने वाली बातें
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