Chapter 12: पादप में श्वसन
ग्लाइकोलिसिस, क्रेब्स चक्र, इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र और श्वसन गुणांक।
Original notes — ready Educational Galaxy के अपने शब्दों में Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali)
पादप में श्वसन — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
Book: Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11 Biology) | Chapter 12 | Medium: हिंदी (English technical शब्द साथ में)
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श्वसन क्रियाधार और ग्लाइकोलिसिस
श्वसन में कार्बनिक पदार्थों का ऑक्सीकरण होता है और ऊर्जा ATP के रूप में मुक्त होती है। श्वसनीय क्रियाधार वे पदार्थ हैं जो श्वसन में टूटते हैं — सबसे सामान्य ग्लूकोज़ (कार्बोहाइड्रेट) है; वसा और प्रोटीन भी आवश्यकता पर उपयोग होते हैं, पर प्रोटीन तभी जब कार्बोहाइड्रेट/वसा समाप्त हो जाएँ। श्वसन दहन से भिन्न है — यह एंजाइम-नियंत्रित, चरणबद्ध प्रक्रिया है जिसमें ऊर्जा धीरे-धीरे ATP में संचित होती है, एक साथ ऊष्मा में नहीं।
ग्लाइकोलिसिस (EMP पथ) कोशिकाद्रव्य में होती है — ग्लूकोज़ (6C) टूटकर 2 पाइरुवेट (3C) बनाता है। इसमें शुद्ध लाभ 2 ATP और 2 NADH होता है। यह ऑक्सी और अनॉक्सी दोनों श्वसन में समान है; ऑक्सीजन की उपस्थिति में पाइरुवेट माइटोकॉन्ड्रिया में जाता है, अनुपस्थिति में किण्वन होता है।
क्रेब्स चक्र और इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र
माइटोकॉन्ड्रिया में पाइरुवेट का ऑक्सीकारी विकार्बोक्सिलीकरण होता है — पाइरुवेट → ऐसीटिल CoA + CO₂ + NADH। ऐसीटिल CoA क्रेब्स चक्र (ट्राइकार्बोक्सिलिक अम्ल चक्र, TCA) में प्रवेश करता है — सिट्रेट → आइसोसिट्रेट → α-कीटोग्लूटारेट → सक्सिनिल CoA → सक्सिनेट → फ्यूमरेट → मैलेट → ऑक्सैलोऐसीटेट। एक ग्लूकोज़ से चक्र दो बार चलता है और कुल 6 CO₂, 8 NADH (ग्लाइकोलिसिस + विकार्बोक्सिलीकरण सहित गिनती भिन्न हो सकती है), 2 FADH₂ और 2 GTP/ATP मिलते हैं।
इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (ETS) माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली पर होता है — NADH और FADH₂ के इलेक्ट्रॉन वाहकों (कॉम्प्लेक्स I-V, यूबिक्विनोन, साइटोक्रोम) से होते हुए O₂ तक जाते हैं; इस दौरान H⁺ आधात्री से अंतरझिल्ली स्थान में पंप होते हैं और ATP सिंथेज़ (कॉम्प्लेक्स V) से ATP बनती है — इसे ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलेशन कहते हैं। अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही O₂ है, जो जल बनाता है।
शुद्ध ATP, किण्वन और श्वसन गुणांक
एक ग्लूकोज़ के ऑक्सी श्वसन से सैद्धांतिक रूप से 38 ATP बनते हैं, पर यूकैरियोट कोशिका में NADH के परिवहन की लागत के कारण शुद्ध लाभ 36 ATP माना जाता है (प्रोकैरियोट में 38)। शुद्ध ATP की गणना में यह माना जाता है कि NADH/FADH₂ का परिवहन निर्बाध है, मध्यवर्ती पदार्थ अन्य कार्यों में नहीं जाते और श्वसन एक व्यवस्थित पथ है — वास्तविक कोशिका में ये मान्यताएँ पूरी तरह लागू नहीं होतीं, इसलिए शुद्ध लाभ कम होता है।
किण्वन में पाइरुवेट से यीस्ट में एथेनॉल + CO₂ और पेशियों में लैक्टिक अम्ल बनता है; शुद्ध लाभ केवल 2 ATP होता है। श्वसनीय पथ एक ऐम्फीबोलिक पथ है — इसमें अपचय (टूटना) और उपचय (बनाना) दोनों होते हैं, क्योंकि मध्यवर्ती (जैसे α-कीटोग्लूटारेट) अमीनो अम्ल बनाने में भी जाते हैं। श्वसन गुणांक (RQ) = निकली CO₂ / ली गई O₂ — कार्बोहाइड्रेट के लिए 1, वसा के लिए <1 (लगभग 0.7), प्रोटीन के लिए लगभग 0.9।
तालिका / चार्ट — एक नज़र में
| चरण | स्थान | शुद्ध लाभ (प्रति ग्लूकोज़) |
|---|---|---|
| ग्लाइकोलिसिस | कोशिकाद्रव्य | 2 ATP + 2 NADH |
| विकार्बोक्सिलीकरण | माइटोकॉन्ड्रिया आधात्री | 2 NADH |
| क्रेब्स चक्र | आधात्री | 2 GTP + 6 NADH + 2 FADH₂ |
| ETS + ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलेशन | भीतरी झिल्ली | अधिकांश ATP |

चित्र 1: चित्र 1 में श्वसन के चरण क्रम से दिखाए गए हैं।

चित्र 2: चित्र 2 में इस अध्याय की चार सबसे ज़रूरी बातें संक्षेप में दी गई हैं।

नया चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): पादप श्वसन के चरण — सभी लेबल चित्र पर ही दिए गए हैं।
मुख्य शब्द / Key Terms
- ग्लाइकोलिसिस: ग्लूकोज़ का पाइरुवेट में टूटना।
- क्रेब्स चक्र: पाइरुवेट का पूर्ण ऑक्सीकरण।
- ATP: ऊर्जा मुद्रा।
- ऑक्सी श्वसन: ऑक्सीजन सहित श्वसन।
- अनॉक्सी श्वसन: ऑक्सीजन रहित श्वसन।
- ऐम्फीबोलिक पथ: अपचय + उपचय दोनों वाला पथ।
- श्वसन गुणांक: CO₂ निकली / O₂ ली गई का अनुपात।
- ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलेशन: ETS से ATP बनना।
- किण्वन: ऑक्सीजन के बिना आंशिक ऑक्सीकरण।
- यूबिक्विनोन: ETS का गतिशील वाहक (CoQ)।
- ATP सिंथेज़: H⁺ प्रवाह से ATP बनाने वाला एंजाइम।
याद रखें
- ग्लाइकोलिसिस कोशिकाद्रव्य में होती है।
- क्रेब्स चक्र माइटोकॉन्ड्रिया में होता है।
- ऑक्सी श्वसन में लगभग 38 ATP मिलती हैं।
- अनॉक्सी में केवल 2 ATP मिलती हैं।
- श्वसन दिन-रात चलता है।
परीक्षा टिप / आम गलती
आम गलती: श्वसन को केवल साँस लेना समझ लेना। साँस लेना गैस विनिमय है; श्वसन कोशिका के अंदर ग्लूकोज़ टूटकर ऊर्जा निकलने की प्रक्रिया है।
अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)
- श्वसन किसे कहते हैं? संकेत: ग्लूकोज़ टूटकर ATP निकलने की प्रक्रिया को।
- ग्लाइकोलिसिस कहाँ होती है? संकेत: कोशिकाद्रव्य में।
- क्रेब्स चक्र कहाँ होता है? संकेत: माइटोकॉन्ड्रिया में।
- ऑक्सी श्वसन में कितनी ATP मिलती हैं? संकेत: लगभग 38।
- यीस्ट में अनॉक्सी श्वसन का उत्पाद क्या है? संकेत: ऐल्कोहॉल।
प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers
- श्वसन और दहन में अंतर बताइए। उत्तर: दहन एक साथ ऊष्मा में ऊर्जा छोड़ता है; श्वसन एंजाइम-नियंत्रित चरणों में ऊर्जा को ATP में संचित करता है।
- ग्लाइकोलिसिस कहाँ और क्यों महत्वपूर्ण है? उत्तर: कोशिकाद्रव्य में; यह ऑक्सी और अनॉक्सी दोनों श्वसन का साझा पहला चरण है — ग्लूकोज़ से 2 पाइरुवेट + 2 ATP + 2 NADH।
- क्रेब्स चक्र को TCA चक्र क्यों कहते हैं? उत्तर: क्योंकि इसका पहला स्थिर उत्पाद सिट्रेट (ट्राइकार्बोक्सिलिक अम्ल, तीन कार्बोक्सिल समूह) है।
- ETS में अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही कौन है और क्या बनता है? उत्तर: ऑक्सीजन; इलेक्ट्रॉन + H⁺ + O₂ से जल बनता है।
- ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलेशन क्या है? उत्तर: ETS में H⁺ प्रवणता (केमिऑस्मोसिस) से ATP सिंथेज़ द्वारा ATP बनना।
- ऐम्फीबोलिक पथ किसे कहते हैं? उत्तर: श्वसनीय पथ जिसमें अपचय (ऊर्जा मुक्ति) और उपचय (मध्यवर्तियों से अमीनो अम्ल आदि बनना) दोनों होते हैं।
- श्वसन गुणांक क्या है? वसा के लिए इसका मान बताइए। उत्तर: RQ = निकली CO₂ / ली गई O₂; वसा के लिए लगभग 0.7 (कार्बोहाइड्रेट के लिए 1)।
- किण्वन में केवल 2 ATP क्यों मिलते हैं? उत्तर: क्योंकि ग्लूकोज़ आंशिक रूप से टूटता है (एथेनॉल/लैक्टिक अम्ल में ऊर्जा बची रहती है) और क्रेब्स/ETS नहीं चलते।
बोर्ड परीक्षा प्रश्न — Board-pattern अभ्यास प्रश्न
ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड प्रश्नों की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।
- मांसपेशियों में दर्द लैक्टिक अम्ल से क्यों होता है? उत्तर: क्योंकि भारी व्यायाम में अनॉक्सी श्वसन से लैक्टिक अम्ल बनता है।
- सबसे अधिक ATP किस चरण से मिलती है? उत्तर: इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र से।
- ग्लाइकोलिसिस का उत्पाद क्या है? उत्तर: पाइरुवेट।
- श्वसन और प्रकाश-संश्लेषण में क्या संबंध है? उत्तर: वे एक-दूसरे की उल्टी प्रक्रियाएँ हैं।
- अनॉक्सी श्वसन में ATP कम क्यों मिलती है? उत्तर: क्योंकि ग्लूकोज़ आंशिक रूप से ही टूटता है।
पुस्तक की प्रश्नावली से — Extension Q&A
नीचे के प्रश्न पुस्तक की प्रश्नावली (अभ्यास) के प्रश्न हैं, EG के अपने शब्दों में पूछे गए हैं और उनके उत्तर भी EG के अपने शब्दों में दिए गए हैं — किताब का हूबहू पाठ नहीं छापा गया है।
- अभ्यास 1: इनमें अंतर करिए — (अ) साँस (श्वसन) और दहन (ब) ग्लाइकोलिसिस तथा क्रेब्स चक्र (स) ऑक्सी श्वसन तथा किण्वन। उत्तर: (अ) श्वसन — एंजाइम-नियंत्रित, चरणबद्ध, ATP में ऊर्जा; दहन — अनियंत्रित, एक साथ ऊष्मा। (ब) ग्लाइकोलिसिस — कोशिकाद्रव्य, ग्लूकोज़ → पाइरुवेट; क्रेब्स — आधात्री, ऐसीटिल CoA → CO₂ + वाहक। (स) ऑक्सी — पूर्ण ऑक्सीकरण, 36 ATP; किण्वन — आंशिक, 2 ATP।
- अभ्यास 2: श्वसनीय क्रियाधार क्या है? सर्वाधिक साधारण क्रियाधार का नाम बताइए। उत्तर: वे पदार्थ जो श्वसन में ऑक्सीकृत होते हैं; सर्वाधिक साधारण — ग्लूकोज़ (कार्बोहाइड्रेट)।
- अभ्यास 3: ग्लाइकोलिसिस को रेखा द्वारा बनाइए। उत्तर: चित्र-आधारित प्रश्न — ग्लूकोज़ → ग्लूकोज़-6-फॉस्फेट → फ्रक्टोज़-1,6-बाइफॉस्फेट → PGAL (×2) → पाइरुवेट, साथ में ATP/NADH के चरण दिखाएँ।
- अभ्यास 4: ऑक्सी श्वसन के मुख्य चरण कौन-कौन से हैं? यह कहाँ संपन्न होती है? उत्तर: ग्लाइकोलिसिस (कोशिकाद्रव्य), पाइरुवेट विकार्बोक्सिलीकरण (आधात्री), क्रेब्स चक्र (आधात्री), ETS और ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलेशन (भीतरी झिल्ली)।
- अभ्यास 5: क्रेब्स चक्र का समग्र रेखा चित्र बनाइए। उत्तर: चित्र-आधारित प्रश्न — ऐसीटिल CoA + OAA → सिट्रेट → आइसोसिट्रेट → α-कीटोग्लूटारेट → सक्सिनिल CoA → सक्सिनेट → फ्यूमरेट → मैलेट → OAA, साथ में CO₂, NADH, FADH₂, GTP के बिंदु दिखाएँ।
- अभ्यास 6: इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र का वर्णन कीजिए। उत्तर: भीतरी झिल्ली पर कॉम्प्लेक्स I-V; NADH/FADH₂ से इलेक्ट्रॉन यूबिक्विनोन और साइटोक्रोम से होते हुए O₂ तक; H⁺ पंप से प्रवणता बनती है और ATP सिंथेज़ से ATP बनता है।
- अभ्यास 7: निम्न के मध्य अंतर कीजिए — (अ) ऑक्सी श्वसन तथा अनॉक्सी श्वसन (ब) ग्लाइकोलिसिस तथा किण्वन (स) ग्लाइकोलिसिस तथा सिट्रिक अम्ल चक्र। उत्तर: (अ) ऑक्सी — O₂ सहित, पूर्ण, 36 ATP; अनॉक्सी — O₂ रहित, आंशिक, 2 ATP। (ब) ग्लाइकोलिसिस — ग्लूकोज़ → पाइरुवेट; किण्वन — पाइरुवेट → एथेनॉल/लैक्टिक अम्ल। (स) ग्लाइकोलिसिस — कोशिकाद्रव्य, O₂ स्वतंत्र; सिट्रिक अम्ल चक्र — आधात्री, O₂ पर निर्भर।
- अभ्यास 8: शुद्ध एटीपी के अणुओं की प्राप्ति की गणना के दौरान आप क्या कल्पनाएं करते हैं? उत्तर: NADH/FADH₂ का परिवहन निर्बाध है; मध्यवर्ती अन्य पथों में नहीं जाते; श्वसन एक व्यवस्थित अनुक्रम है; सभी चरण एक साथ और पूर्ण दक्षता से चलते हैं।
- अभ्यास 9: 'श्वसनीय पथ एक ऐम्फीबोलिक पथ होता है', इसकी चर्चा करें। उत्तर: इसमें अपचय (ग्लूकोज़ का टूटना, ऊर्जा मुक्ति) और उपचय (मध्यवर्तियों से अमीनो अम्ल, वसा अम्ल का संश्लेषण) दोनों होते हैं — इसलिए यह केवल अपचयिक नहीं, ऐम्फीबोलिक है।
- अभ्यास 10: साँस गुणांक को परिभाषित कीजिए, वसा के लिए इसका क्या मान है? उत्तर: RQ = निकली CO₂ का आयतन / ली गई O₂ का आयतन; वसा के लिए लगभग 0.7।
- अभ्यास 11: ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलीकरण क्या है? उत्तर: ETS में इलेक्ट्रॉन प्रवाह से बनी H⁺ प्रवणता के सहारे ATP सिंथेज़ द्वारा ADP + Pi से ATP बनना।
- अभ्यास 12: साँस के प्रत्येक चरण में मुक्त होने वाली ऊर्जा का क्या महत्व है? उत्तर: चरणबद्ध मुक्ति से ऊर्जा ATP में संचित होती है और कोशिका के सभी कार्यों (संश्लेषण, परिवहन, गति) में काम आती है; एक साथ मुक्त होने पर यह ऊष्मा में नष्ट हो जाती।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, फिर तालिका और चित्र देखें, उसके बाद Practice set स्वयं करें और अंत में Extension Q&A से अपनी तैयारी जाँचें।
- ग्लाइकोलिसिस कोशिकाद्रव्य में होती है।
- क्रेब्स चक्र माइटोकॉन्ड्रिया में होता है।
- ऑक्सी श्वसन में लगभग 38 ATP मिलती हैं।
- अनॉक्सी में केवल 2 ATP मिलती हैं।
- श्वसन दिन-रात चलता है।
- ग्लाइकोलिसिस — कोशिकाद्रव्य; क्रेब्स — आधात्री; ETS — भीतरी झिल्ली।
- शुद्ध ATP: 36 (यूकैरियोट) / 38 (प्रोकैरियोट)।
- RQ: कार्बोहाइड्रेट 1, वसा 0.7।
Is chapter me plant respiration samjha — glycolysis, Krebs cycle aur ETS. Yaad rakho: glycolysis cytoplasm me hoti hai, Krebs cycle mitochondria ke matrix me, aur ETS inner membrane par.

