Chapter 11: उच्च पादपों में प्रकाश-संश्लेषण
प्रकाश अभिक्रिया, केल्विन चक्र, C3-C4 पथ और प्रकाश श्वसन — प्रकाश-संश्लेषण का पूरा विज्ञान।
Original notes — ready Educational Galaxy के अपने शब्दों में Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali)
उच्च पादपों में प्रकाश-संश्लेषण — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
Book: Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11 Biology) | Chapter 11 | Medium: हिंदी (English technical शब्द साथ में)
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प्रकाश-संश्लेषण क्या है और कहाँ होता है
प्रकाश-संश्लेषण में पौधे प्रकाश ऊर्जा से CO₂ और जल से कार्बोहाइड्रेट बनाते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं: 6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O। यह प्रक्रिया हरितलवक में होती है — प्रकाश अभिक्रिया थायलैकॉइड (ग्राना) में और अंधकार अभिक्रिया (केल्विन चक्र) स्ट्रोमा में। वर्णक दो प्रकार के हैं — मुख्य वर्णक क्लोरोफिल a (प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलता है) और सहायक वर्णक क्लोरोफिल b, कैरोटीनॉइड, ज़ैंथोफिल (ऊर्जा अवशोषित करके क्लोरोफिल a को देते हैं)।
प्रकाश तंत्र दो हैं — PS-I (P700) और PS-II (P680)। PS-II में जल का प्रकाश-अपघटन (फोटोलिसिस) होता है जिससे O₂, H⁺ और इलेक्ट्रॉन निकलते हैं। इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह से ATP (फोटोफॉस्फोरिलेशन) और NADPH बनते हैं — ये दोनों केल्विन चक्र में काम आते हैं।
केल्विन चक्र और C3 पथ
केल्विन चक्र में तीन चरण हैं — कार्बोक्सिलीकरण (RuBP + CO₂ → 3-PGA, एंजाइम RuBisCO), अपचयन (ATP और NADPH से 3-PGA → G3P) और पुनरुत्पादन (RuBP पुनः बनता है)। एक ग्लूकोज़ के लिए चक्र 6 बार चलता है — 18 ATP और 12 NADPH खर्च होते हैं। C3 पौधों में CO₂ का पहला स्थिर उत्पाद 3-कार्बन वाला PGA होता है; अधिकांश पौधे C3 हैं।
RuBisCO एक द्वैध एंजाइम है — यह कार्बोक्सिलेज़ (CO₂ जोड़ता है) और ऑक्सीजिनेज़ (O₂ जोड़ता है) दोनों का कार्य करता है। O₂ अधिक होने पर यह प्रकाश श्वसन (फोटोरेस्पिरेशन) शुरू करता है, जिसमें CO₂ निकलती है और ऊर्जा नष्ट होती है, शर्करा नहीं बनती — यह C3 पौधों की हानि है।
C4 पथ और प्रकाश श्वसन से बचाव
C4 पौधों (मक्का, गन्ना, ज्वार) में CO₂ का पहला स्थिर उत्पाद 4-कार्बन वाला ऑक्सैलोऐसीटिक अम्ल (OAA) होता है। इनमें क्रांज़ शारीर होता है — पर्णमध्योतक कोशिकाओं में PEP कार्बोक्सिलेज़ से CO₂ स्थिर होती है (OAA → मैलेट), फिर पूलाच्छद कोशिकाओं में CO₂ मुक्त होकर केल्विन चक्र चलता है। इससे RuBisCO के पास CO₂ सांद्रता अधिक रहती है और प्रकाश श्वसन लगभग नहीं होता — इसलिए C4 पौधे गर्म, शुष्क और अधिक प्रकाश वाले वातावरण में अधिक उत्पादक होते हैं।
प्रकाश-संश्लेषण की दर को प्रभावित करने वाले कारक हैं — प्रकाश तीव्रता, CO₂ सांद्रता, ताप और जल। ब्लैकमैन का सीमाकारी कारक का नियम कहता है कि जब कई कारक एक साथ कार्यरत हों, तो दर सबसे मंद कारक से तय होती है। प्रकाश संतृप्ति के बाद दर स्थिर हो जाती है, क्योंकि अन्य कारक सीमाकारी बन जाते हैं।
तालिका / चार्ट — एक नज़र में
| तुलना | C3 पौधे | C4 पौधे |
|---|---|---|
| पहला उत्पाद | PGA (3C) | OAA (4C) |
| प्राथमिक एंजाइम | RuBisCO | PEP कार्बोक्सिलेज़ |
| क्रांज़ शारीर | नहीं | हाँ |
| प्रकाश श्वसन | अधिक | नगण्य |
| उदाहरण | गेहूँ, धान | मक्का, गन्ना |

चित्र 1: चित्र 1 में प्रकाश-संश्लेषण की प्रक्रिया क्रम से दिखाई गई है।

चित्र 2: चित्र 2 में इस अध्याय की चार सबसे ज़रूरी बातें संक्षेप में दी गई हैं।

नया चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): प्रकाश-संश्लेषण के दो चरण — सभी लेबल चित्र पर ही दिए गए हैं।
मुख्य शब्द / Key Terms
- हरितलवक: प्रकाश-संश्लेषण का अंगक।
- क्लोरोफिल: प्रकाश अवशोषित करने वाला वर्णक।
- ATP: ऊर्जा मुद्रा।
- NADPH: अपचयन शक्ति।
- केल्विन चक्र: CO₂ से शर्करा बनाने का चक्र।
- फोटोलिसिस: प्रकाश से जल का टूटना, O₂ निकलता है।
- RuBisCO: दुनिया का सबसे प्रचुर एंजाइम, द्वैध कार्य।
- क्रांज़ शारीर: C4 पत्ती की दोहरी कोशिका व्यवस्था।
- सीमाकारी कारक: दर तय करने वाला सबसे मंद कारक (ब्लैकमैन)।
- G3P: केल्विन चक्र का उत्पाद, शर्करा का पूर्ववर्ती।
- फोटोफॉस्फोरिलेशन: प्रकाश से ATP बनना।
याद रखें
- समीकरण: 6CO₂ + 6H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂।
- प्रकाश अभिक्रिया में ऑक्सीजन निकलती है।
- अंधकार अभिक्रिया को प्रकाश की सीधी ज़रूरत नहीं होती।
- C4 पौधे गर्म वातावरण में कुशल होते हैं।
- प्रकाश श्वसन C3 पौधों में ऊर्जा नष्ट करता है।
परीक्षा टिप / आम गलती
आम गलती: अंधकार अभिक्रिया को रात में होने वाली समझ लेना। वह प्रकाश की अनुपस्थिति में नहीं, बल्कि प्रकाश पर सीधे निर्भर न होने के कारण 'अंधकार' कहलाती है — वह दिन में भी चलती है।
अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)
- प्रकाश-संश्लेषण का समीकरण लिखिए। संकेत: 6CO₂ + 6H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂।
- प्रकाश अभिक्रिया कहाँ होती है? संकेत: थायलैकॉइड में।
- केल्विन चक्र कहाँ होता है? संकेत: स्ट्रोमा में।
- C4 पौधों का एक उदाहरण दीजिए। संकेत: मक्का।
- ऑक्सीजन किससे निकलती है? संकेत: पानी के टूटने से।
प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers
- प्रकाश-संश्लेषण का समीकरण लिखिए। उत्तर: 6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O (प्रकाश और क्लोरोफिल की उपस्थिति में)।
- प्रकाश और अंधकार अभिक्रिया कहाँ होती हैं? उत्तर: प्रकाश अभिक्रिया थायलैकॉइड (ग्राना) में; अंधकार अभिक्रिया (केल्विन चक्र) स्ट्रोमा में।
- PS-I और PS-II में अंतर बताइए। उत्तर: PS-I का अभिक्रिया केंद्र P700, PS-II का P680; PS-II में जल का अपघटन होता है, PS-I में NADP⁺ का अपचयन।
- केल्विन चक्र के तीन चरण बताइए। उत्तर: कार्बोक्सिलीकरण (RuBP + CO₂ → PGA), अपचयन (PGA → G3P, ATP/NADPH से), पुनरुत्पादन (RuBP पुनः बनता है)।
- प्रकाश श्वसन क्या है और यह हानिकारक क्यों है? उत्तर: RuBisCO का O₂ से जुड़कर CO₂ मुक्त करना; इसमें ऊर्जा खर्च होती है पर शर्करा नहीं बनती — C3 पौधों की उत्पादकता घटती है।
- क्रांज़ शारीर क्या है? उत्तर: C4 पत्ती की व्यवस्था — पर्णमध्योतक में CO₂ स्थिरीकरण और पूलाच्छद कोशिकाओं में केल्विन चक्र, दो चरणों में।
- सीमाकारी कारक का नियम क्या है? उत्तर: ब्लैकमैन के अनुसार, जब कई कारक कार्यरत हों तो दर उस कारक से तय होती है जो सबसे कम/मंद है।
- चक्रीय और अचक्रीय फोटोफॉस्फोरिलेशन में अंतर बताइए। उत्तर: अचक्रीय में PS-I और PS-II दोनों, ATP + NADPH + O₂ बनते हैं; चक्रीय में केवल PS-I, केवल ATP बनता है, O₂ नहीं।
बोर्ड परीक्षा प्रश्न — Board-pattern अभ्यास प्रश्न
ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड प्रश्नों की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।
- अंधकार अभिक्रिया रात में ही क्यों नहीं होती? उत्तर: क्योंकि उसे ATP और NADPH चाहिए जो प्रकाश अभिक्रिया से मिलते हैं।
- C4 पौधे गर्म वातावरण में कुशल क्यों होते हैं? उत्तर: क्योंकि उनमें प्रकाश श्वसन कम होता है।
- क्लोरोफिल का कार्य क्या है? उत्तर: प्रकाश ऊर्जा को अवशोषित करना।
- प्रकाश अभिक्रिया के उत्पाद क्या हैं? उत्तर: ATP, NADPH और ऑक्सीजन।
- प्रकाश श्वसन क्या है? उत्तर: ऑक्सीजन के कारण CO₂ का बिना शर्करा बने निकलना।
पुस्तक की प्रश्नावली से — Extension Q&A
नीचे के प्रश्न पुस्तक की प्रश्नावली (अभ्यास) के प्रश्न हैं, EG के अपने शब्दों में पूछे गए हैं और उनके उत्तर भी EG के अपने शब्दों में दिए गए हैं — किताब का हूबहू पाठ नहीं छापा गया है।
- अभ्यास 1: एक पौधे को बाहर से देखकर क्या आप बता सकते हैं कि वह C3 है अथवा C4? कैसे और क्यों? उत्तर: नहीं — बाहर से C3/C4 का भेद नहीं दिखता; इसके लिए पत्ती की आंतरिक रचना (क्रांज़ शारीर) या पहला स्थिर उत्पाद देखना पड़ता है, जो बाहर से संभव नहीं है।
- अभ्यास 2: एक पौधे की आंतरिक संरचना को देखकर क्या आप बता सकते हैं कि वह C3 है अथवा C4? वर्णन करें। उत्तर: हाँ — C4 पत्ती में क्रांज़ शारीर होता है (पूलाच्छद कोशिकाओं का घेरा, हरितलवक सहित); C3 पत्ती में पर्णमध्योतक एक समान होता है, क्रांज़ शारीर नहीं।
- अभ्यास 3: हालाँकि C4 पौधे में बहुत कम कोशिकाएं जैव-संश्लेषण — केल्विन पथ को वहन करते हैं, फिर भी वे उच्च उत्पादकता वाले होते हैं — क्या इस पर चर्चा कर सकते हो कि ऐसा क्यों है? उत्तर: क्योंकि C4 में CO₂ सांद्रक तंत्र (PEP कार्बोक्सिलेज़ + क्रांज़ शारीर) RuBisCO के पास CO₂ अधिक रखता है, प्रकाश श्वसन नगण्य होता है और गर्म/शुष्क वातावरण में भी दर ऊँची रहती है — कम कोशिकाएँ भी अधिक कुशलता से कार्य करती हैं।
- अभ्यास 4: रुबिस्को (RuBisCO) एक एंजाइम है जो कार्बोक्सिलेस और ऑक्सीजिनेस के रूप में काम करता है — आप ऐसा क्यों मानते हैं कि C4 पौधों में, रुबिस्को अधिक मात्रा में कार्बोक्सिलेशन करता है? उत्तर: क्योंकि पूलाच्छद कोशिकाओं में CO₂ सांद्रता अधिक होती है (मैलेट से मुक्त CO₂), इसलिए RuBisCO का कार्बोक्सिलेज़ कार्य प्रबल होता है और ऑक्सीजिनेज़ कार्य दब जाता है।
- अभ्यास 5: मान लीजिए, यहाँ पर क्लोरोफिल बी की उच्च सांद्रता युक्त, मगर क्लोरोफिल ए की कमी वाले पेड़ थे — क्या ये प्रकाश-संश्लेषण करते होंगे? तब पौधों में क्लोरोफिल बी क्यों होता है? और फिर दूसरे गौण वर्णकों की क्या जरूरत है? उत्तर: नहीं — क्लोरोफिल a ही अभिक्रिया केंद्र है, ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में वही बदलता है; क्लोरोफिल b और कैरोटीनॉइड सहायक वर्णक हैं जो विभिन्न तरंगदैर्ध्य की ऊर्जा अवशोषित करके a को देते हैं और प्रकाश-ऑक्सीकरण से रक्षा करते हैं। बिना a के प्रकाश-संश्लेषण नहीं होगा।
- अभ्यास 6: यदि पत्ती को अंधेरे में रख दिया गया हो तो उसका रंग क्रमशः पीला एवं हरा पीला हो जाता है — कौन से वर्णक आपकी सोच में अधिक स्थायी हैं? उत्तर: कैरोटीनॉइड (पीले-नारंगी) अधिक स्थायी हैं — क्लोरोफिल अंधेरे में नष्ट हो जाता है, इसलिए पीला रंग (कैरोटीनॉइड) उभर आता है; हरा-पीला रंग क्लोरोफिल के आंशिक बने रहने से दिखता है।
- अभ्यास 7: एक ही पौधे की पत्ती का छाया वाला (उल्टा) भाग देखें और उसके चमक वाले (सीधे) भाग से तुलना करें अथवा गमले में लगे धूप में रखे हुए तथा छाया में रखे हुए पौधों के बीच तुलना करें — कौन सा गहरे हरे रंग का होता है, और क्यों? उत्तर: छाया वाली पत्ती/भाग गहरे हरे रंग का होता है — कम प्रकाश में अधिक क्लोरोफिल बनाकर पौधा प्रकाश ग्रहण बढ़ाता है; धूप वाली पत्ती में क्लोरोफिल अपेक्षाकृत कम होता है।
- अभ्यास 8: प्रकाश-संश्लेषण की दर पर प्रकाश का प्रभाव पड़ता है (चित्र 13.10) — ग्राफ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें — (अ) वक्र के किस बिंदु अथवा बिंदुओं पर (क, ख, अथवा ग) प्रकाश एक नियामक कारक है (ब) ग बिंदु पर नियामक कारक कौन से हैं (स) वक्र में ग और घ क्या निरूपित करता है। उत्तर: (अ) क और ख बिंदुओं पर प्रकाश नियामक है (दर प्रकाश के साथ बढ़ती है); (ब) ग बिंदु (संतृप्ति) पर प्रकाश नहीं बल्कि CO₂ सांद्रता या ताप सीमाकारी हैं; (स) ग संतृप्ति बिंदु है (दर स्थिर) और घ उच्च CO₂ सांद्रता वाली वक्र की अधिकतम दर दर्शाता है।
- अभ्यास 9: निम्नांकित में तुलना करें — (अ) C3 एवं C4 पथ (ब) चक्रीय एवं अचक्रीय फोटोफॉस्फोरिलेशन (स) C3 एवं C4 पादपों की पत्ती की शारीरिकी। उत्तर: (अ) C3 — पहला उत्पाद PGA, एक कोशिका में; C4 — पहला उत्पाद OAA, दो कोशिकाओं में। (ब) चक्रीय — केवल PS-I, केवल ATP; अचक्रीय — PS-I + PS-II, ATP + NADPH + O₂। (स) C3 — सामान्य पर्णमध्योतक; C4 — क्रांज़ शारीर (पूलाच्छद घेरा)।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, फिर तालिका और चित्र देखें, उसके बाद Practice set स्वयं करें और अंत में Extension Q&A से अपनी तैयारी जाँचें।
- समीकरण: 6CO₂ + 6H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂।
- प्रकाश अभिक्रिया में ऑक्सीजन निकलती है।
- अंधकार अभिक्रिया को प्रकाश की सीधी ज़रूरत नहीं होती।
- C4 पौधे गर्म वातावरण में कुशल होते हैं।
- प्रकाश श्वसन C3 पौधों में ऊर्जा नष्ट करता है।
- प्रकाश अभिक्रिया — थायलैकॉइड; केल्विन — स्ट्रोमा।
- एक ग्लूकोज़: 18 ATP + 12 NADPH।
- C4 में प्रकाश श्वसन नगण्य होता है।
Is chapter me photosynthesis samjha — light reaction thylakoid me aur Calvin cycle stroma me. Yaad rakho: ek glucose ke liye 18 ATP aur 12 NADPH lagte hain, aur C4 paudhon me photorespiration na ke barabar hota hai.

