कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन — BSEB Class 11 Biology, Chapter 10
BSEB Class 11 Biology (Book: Jeev Vigyan) — EG के अपने शब्दों में मूल सार, हिंदी में
Original notes — ready Educational Galaxy के अपने शब्दों में Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali)
कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन — EG के अपने शब्दों में सार
Book: Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11 Biology) | Chapter 10 | Medium: हिंदी (English technical शब्द साथ में)
कोशिका चक्र
कोशिका चक्र में अंतरावस्था (G1, S, G2) और विभाजन अवस्था (M) आती है। S अवस्था में DNA का द्विगुणन होता है।
अंतरावस्था चक्र का सबसे लंबा भाग है — कोशिका अपना अधिकांश जीवन इसी में बिताती है।
समसूत्री विभाजन
समसूत्री विभाजन में एक कोशिका से दो समान संतति कोशिकाएँ बनती हैं। इसमें पूर्वावस्था, मध्यावस्था, पश्चावस्था और अंत्यावस्था आती हैं।
समसूत्री विभाजन वृद्धि और मरम्मत के लिए होता है। इसमें गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है।
अर्धसूत्री विभाजन
अर्धसूत्री विभाजन में एक कोशिका से चार असमान संतति कोशिकाएँ बनती हैं और गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।
अर्धसूत्री विभाजन युग्मक (शुक्राणु, अंडाणु) बनाने के लिए होता है। इसमें जीन विनिमय (crossing over) से विविधता आती है।
तालिका / चार्ट — एक नज़र में
| विभाजन | परिणाम |
|---|---|
| समसूत्री | 2 समान कोशिकाएँ |
| अर्धसूत्री | 4 असमान कोशिकाएँ, आधी संख्या |

चित्र 1: चित्र 1 में कोशिका चक्र से युग्मक तक का क्रम दिखाया गया है।

चित्र 2: चित्र 2 में इस अध्याय की चार सबसे ज़रूरी बातें संक्षेप में दी गई हैं।
मुख्य शब्द / Key Terms
- अंतरावस्था: विभाजन के बीच की तैयारी अवस्था।
- समसूत्री: समान विभाजन।
- अर्धसूत्री: आधी संख्या वाला विभाजन।
- जीन विनिमय: गुणसूत्रों के बीच भागों की अदला-बदली।
- युग्मक: प्रजनन कोशिका।
याद रखें
- S अवस्था में DNA द्विगुणन होता है।
- समसूत्री में संख्या समान रहती है।
- अर्धसूत्री में संख्या आधी हो जाती है।
- जीन विनिमय से विविधता आती है।
- अंतरावस्था सबसे लंबी होती है।
परीक्षा टिप / आम गलती
आम गलती: समसूत्री और अर्धसूत्री को उल्टा लिख देना। समसूत्री = समान (2 कोशिकाएँ), अर्धसूत्री = आधी संख्या (4 कोशिकाएँ)।
अभ्यास प्रश्न — खुद करके देखें
- S अवस्था में क्या होता है? संकेत: DNA का द्विगुणन।
- समसूत्री विभाजन से कितनी कोशिकाएँ बनती हैं? संकेत: दो समान।
- अर्धसूत्री विभाजन किसके लिए होता है? संकेत: युग्मक बनाने के लिए।
- अंतरावस्था सबसे लंबी क्यों होती है? संकेत: क्योंकि कोशिका तैयारी और वृद्धि उसी में करती है।
- जीन विनिमय क्या है? संकेत: गुणसूत्रों के बीच भागों की अदला-बदली।
उत्तर सहित प्रश्न — बोर्ड-पैटर्न अभ्यास
ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड प्रश्नों की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।
- समसूत्री की चार अवस्थाएँ कौनसी हैं? उत्तर: पूर्वावस्था, मध्यावस्था, पश्चावस्था, अंत्यावस्था।
- अर्धसूत्री में गुणसूत्र संख्या आधी क्यों होती है? उत्तर: ताकि निषेचन के बाद संख्या फिर पूरी हो जाए।
- समसूत्री विभाजन वृद्धि के लिए क्यों ज़रूरी है? उत्तर: क्योंकि उससे समान कोशिकाएँ बनकर शरीर बढ़ता है।
- जीन विनिमय से क्या लाभ है? उत्तर: संतानों में विविधता आती है।
- G1, S, G2 का क्रम क्या है? उत्तर: G1 → S → G2 → M।

