कार्य, ऊर्जा और शक्ति — BSEB Class 11 Physics, Chapter 5
BSEB Class 11 Physics (Book: Bhautiki Bhag-1) — EG के अपने शब्दों में मूल सार, हिंदी में
Original notes — ready Educational Galaxy के अपने शब्दों में Bhautiki Bhag-1 (Purani pustak — 2025 se pehle wali)
कार्य, ऊर्जा और शक्ति — EG के अपने शब्दों में सार
Book: Bhautiki Bhag-1 (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11 Physics) | Chapter 5 | Medium: हिंदी (English technical शब्द साथ में)
कार्य की परिभाषा
जब बल लगाने पर वस्तु बल की दिशा में विस्थापित हो, तो कार्य होता है: W = F s cos θ। यदि विस्थापन बल के लंबवत हो, तो कार्य शून्य होता है, जैसे समतल सड़क पर बैग उठाकर चलने में गुरुत्व के विरुद्ध कार्य शून्य होता है।
कार्य का SI मात्रक जूल है। बल और विस्थापन की दिशा समान हो तो कार्य धनात्मक, विपरीत हो तो ऋणात्मक होता है।
गतिज और स्थितिज ऊर्जा
गतिज ऊर्जा K = ½mv² होती है और कार्य-ऊर्जा प्रमेय कहता है कि कुल कार्य गतिज ऊर्जा में बदलाव के बराबर होता है।
स्थितिज ऊर्जा संचित ऊर्जा है — ऊँचाई पर रखी वस्तु में गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा mgh होती है और खिंची स्प्रिंग में प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा होती है।
ऊर्जा संरक्षण और शक्ति
संरक्षी बलों के अधीन यांत्रिक ऊर्जा (गतिज + स्थितिज) स्थिर रहती है। घर्षण जैसे असंरक्षी बल ऊर्जा को ऊष्मा में बदल देते हैं, पर कुल ऊर्जा फिर भी संरक्षित रहती है।
शक्ति कार्य करने की दर है: P = W/t। इसका SI मात्रक वाट है। टक्करें प्रत्यास्थ (ऊर्जा बची रहे) या अप्रत्यास्थ (ऊर्जा का कुछ भाग नष्ट हो) हो सकती हैं।
तालिका / चार्ट — एक नज़र में
| राशि | सूत्र |
|---|---|
| कार्य | W = Fs cos θ |
| गतिज ऊर्जा | K = ½mv² |
| गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा | U = mgh |
| शक्ति | P = W/t |

चित्र 1: चित्र 1 में कार्य से लेकर शक्ति तक का क्रम दिखाया गया है — यही ऊर्जा की कहानी है।

चित्र 2: चित्र 2 में इस अध्याय की चार सबसे ज़रूरी बातें संक्षेप में दी गई हैं।
मुख्य शब्द / Key Terms
- कार्य: बल × बल की दिशा में विस्थापन।
- गतिज ऊर्जा: गति के कारण ऊर्जा।
- स्थितिज ऊर्जा: स्थिति के कारण संचित ऊर्जा।
- शक्ति: कार्य करने की दर।
- संरक्षी बल: जिसके विरुद्ध कार्य पथ पर निर्भर न करे।
याद रखें
- कार्य के लिए विस्थापन बल की दिशा में होना ज़रूरी है।
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय संख्यात्मक प्रश्नों की कुंजी है।
- ऊर्जा का SI मात्रक जूल और शक्ति का वाट है।
- घर्षण की उपस्थिति में यांत्रिक ऊर्जा घटती है, कुल ऊर्जा नहीं।
- प्रत्यास्थ टक्कर में गतिज ऊर्जा भी संरक्षित रहती है।
परीक्षा टिप / आम गलती
आम गलती: किसी वस्तु को उठाकर क्षैतिज चलने पर गुरुत्व के विरुद्ध कार्य को शून्य न मानना। वहाँ विस्थापन गुरुत्व के लंबवत है, इसलिए गुरुत्व द्वारा कार्य शून्य है।
अभ्यास प्रश्न — खुद करके देखें
- कार्य का सूत्र लिखिए। संकेत: W = Fs cos θ।
- गतिज ऊर्जा का सूत्र क्या है? संकेत: K = ½mv²।
- शक्ति का SI मात्रक क्या है? संकेत: वाट।
- ऊर्जा संरक्षण का अर्थ बताइए। संकेत: ऊर्जा न बनती है, न नष्ट होती है, केवल रूप बदलती है।
- प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ टक्कर में अंतर बताइए। संकेत: प्रत्यास्थ में गतिज ऊर्जा बचती है, अप्रत्यास्थ में नहीं।
उत्तर सहित प्रश्न — बोर्ड-पैटर्न अभ्यास
ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड प्रश्नों की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।
- ऊपर उठी वस्तु को क्षैतिज ले जाने में गुरुत्व द्वारा कार्य कितना होगा? उत्तर: शून्य, क्योंकि विस्थापन बल के लंबवत है।
- m = 2 kg, v = 3 m/s हो तो गतिज ऊर्जा कितनी होगी? उत्तर: K = ½×2×9 = 9 J।
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय का कथन लिखिए। उत्तर: कुल कार्य = गतिज ऊर्जा में बदलाव।
- घर्षण वाली सतह पर यांत्रिक ऊर्जा क्यों घटती है? उत्तर: क्योंकि कुछ ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है।
- शक्ति और ऊर्जा में क्या संबंध है? उत्तर: शक्ति = ऊर्जा के बदलने की दर।

