प्राणियों में संरचनात्मक संगठन — BSEB Class 11 Biology, Chapter 7
BSEB Class 11 Biology (Book: Jeev Vigyan) — EG के अपने शब्दों में मूल सार, हिंदी में
Original notes — ready Educational Galaxy के अपने शब्दों में Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali)
प्राणियों में संरचनात्मक संगठन — EG के अपने शब्दों में सार
Book: Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11 Biology) | Chapter 7 | Medium: हिंदी (English technical शब्द साथ में)
प्राणि ऊतक
प्राणियों में चार मुख्य ऊतक होते हैं — उपकला (आवरण), संयोजी (जोड़ना), पेशीय (गति) और तंत्रिका (संदेश)।
उपकला ऊतक अंगों की सतह को ढकता है। संयोजी ऊतक में रक्त भी आता है, जो एक तरल संयोजी ऊतक है।
केंचुआ और कॉकरोच
केंचुआ एक खंडित कृमि है जो मिट्टी को उपजाऊ बनाता है। उसके शरीर में आंत्र, रक्त वाहिकाएँ और तंत्रिका रज्जु होती है।
कॉकरोच में खुला परिसंचरण तंत्र, श्वासनली (ट्रेकिया) से श्वसन और मैलपीगी नलिकाओं से उत्सर्जन होता है।
मेंढक
मेंढक उभयचर है — लार्वा (टैडपोल) पानी में क्लोम से और वयस्क फेफड़ों व त्वचा से श्वसन करता है।
मेंढक का हृदय तीन कोष्ठों वाला होता है — दो अलिंद और एक निलय। मेंढक की त्वचा नम और श्लेष्म वाली होती है।
तालिका / चार्ट — एक नज़र में
| ऊतक | कार्य |
|---|---|
| उपकला | आवरण |
| संयोजी | जोड़ना, सहारा |
| पेशीय | गति |
| तंत्रिका | संदेश |

चित्र 1: चित्र 1 में चार ऊतक क्रम से दिखाए गए हैं।

चित्र 2: चित्र 2 में इस अध्याय की चार सबसे ज़रूरी बातें संक्षेप में दी गई हैं।
मुख्य शब्द / Key Terms
- उपकला ऊतक: सतह को ढकने वाला ऊतक।
- संयोजी ऊतक: अंगों को जोड़ने वाला ऊतक।
- ट्रेकिया: कीटों में श्वसन नलिकाएँ।
- मैलपीगी नलिका: कीटों में उत्सर्जन अंग।
- उभयचर: पानी और स्थल दोनों पर रहने वाला।
याद रखें
- चारों ऊतकों के नाम और कार्य याद करें।
- रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है।
- कॉकरोच में खुला परिसंचरण होता है।
- मेंढक का हृदय तीन कोष्ठों वाला होता है।
- केंचुआ मिट्टी को उपजाऊ बनाता है।
परीक्षा टिप / आम गलती
आम गलती: रक्त को अलग श्रेणी समझ लेना। रक्त संयोजी ऊतक ही है, बस तरल रूप में होता है।
अभ्यास प्रश्न — खुद करके देखें
- प्राणियों के चार ऊतक कौनसे हैं? संकेत: उपकला, संयोजी, पेशीय, तंत्रिका।
- रक्त किस ऊतक का प्रकार है? संकेत: तरल संयोजी ऊतक का।
- कॉकरोच में श्वसन किससे होता है? संकेत: श्वासनली (ट्रेकिया) से।
- मेंढक का हृदय कितने कोष्ठों वाला है? संकेत: तीन कोष्ठों वाला।
- केंचुआ मिट्टी के लिए क्यों उपयोगी है? संकेत: क्योंकि वह मिट्टी को उपजाऊ बनाता है।
उत्तर सहित प्रश्न — बोर्ड-पैटर्न अभ्यास
ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड प्रश्नों की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।
- कॉकरोच में उत्सर्जन किससे होता है? उत्तर: मैलपीगी नलिकाओं से।
- मेंढक के लार्वा और वयस्क के श्वसन में क्या अंतर है? उत्तर: लार्वा क्लोम से, वयस्क फेफड़ों और त्वचा से श्वसन करता है।
- उपकला ऊतक का मुख्य कार्य क्या है? उत्तर: अंगों की सतह को ढकना और रक्षा करना।
- कॉकरोच का परिसंचरण खुला क्यों कहलाता है? उत्तर: क्योंकि रक्त वाहिकाओं से बाहर देहगुहा में भी बहता है।
- पेशीय ऊतक का कार्य क्या है? उत्तर: गति और संकुचन।

