Educational Galaxy shield logo

Educational Galaxy

LEARN • THINK • SPEAK • GROW

वनस्पति जगत — BSEB Class 11 Biology, Chapter 3

BSEB Class 11 Biology (Book: Jeev Vigyan) — EG के अपने शब्दों में मूल सार, हिंदी में

Original notes — ready Educational Galaxy के अपने शब्दों में Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali)

Print: browser से PDF save कर सकते हैं। यह कोई textbook PDF नहीं है।

वनस्पति जगत — EG के अपने शब्दों में सार

Book: Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11 Biology)  |  Chapter 3  |  Medium: हिंदी (English technical शब्द साथ में)

शैवाल

शैवाल सरल, प्रकाश संश्लेषी पौधे हैं जो प्रायः पानी में मिलते हैं। हरे शैवाल में क्लोरोफिल a और b, भूरे में फ्यूकोज़ैंथिन और लाल में फाइकोएरिथ्रिन पाया जाता है।

शैवाल का शरीर थैलस कहलाता है — उसमें जड़, तना, पत्ती का भेद नहीं होता।

ब्रायोफाइटा और टेरिडोफाइटा

ब्रायोफाइटा (मॉस, लिवरवर्ट) को पादप जगत के उभयचर कहते हैं क्योंकि वे नम जगहों पर उगते हैं और प्रजनन के लिए पानी पर निर्भर होते हैं। इनमें संवहन ऊतक नहीं होते।

टेरिडोफाइटा (फर्न) पहले संवहन ऊतक वाले पौधे हैं। इनमें बीज नहीं बनते, बीजाणु बनते हैं।

जिम्नोस्पर्म और एंजियोस्पर्म

जिम्नोस्पर्म में बीज नग्न होते हैं, अर्थात् फल में बंद नहीं होते — जैसे चीड़ और साइकस।

एंजियोस्पर्म में बीज फल के अंदर बंद होते हैं और फूल बनते हैं। इन्हें एकबीजपत्री (मक्का, गेहूँ) और द्विबीजपत्री (चना, आम) में बाँटा जाता है।

तालिका / चार्ट — एक नज़र में

समूहमुख्य लक्षण
शैवालथैलस, पानी में
ब्रायोफाइटाउभयचर, बिना संवहन
टेरिडोफाइटासंवहन, बिना बीज
जिम्नोस्पर्मनग्न बीज
एंजियोस्पर्मफल में बंद बीज

वनस्पति जगत — पौधों का विकास क्रम

चित्र 1: चित्र 1 में वनस्पति जगत के पाँच समूह विकास क्रम में दिखाए गए हैं।

वनस्पति जगत — याद रखने योग्य बातें

चित्र 2: चित्र 2 में इस अध्याय की चार सबसे ज़रूरी बातें संक्षेप में दी गई हैं।

मुख्य शब्द / Key Terms

  • थैलस: बिना जड़-तना-पत्ती भेद वाला शरीर।
  • उभयचर पौधे: ब्रायोफाइटा का उपनाम।
  • संवहन ऊतक: जल और भोजन ले जाने वाले ऊतक।
  • नग्न बीज: फल में बंद न होने वाले बीज।
  • बीजाणु: अलैंगिक प्रजनन की इकाई।

याद रखें

  • शैवाल से एंजियोस्पर्म तक क्रम याद करें।
  • ब्रायोफाइटा को उभयचर कहते हैं।
  • टेरिडोफाइटा पहले संवहन पौधे हैं।
  • जिम्नोस्पर्म में बीज नग्न होते हैं।
  • एकबीजपत्री और द्विबीजपत्री का अंतर जानें।

परीक्षा टिप / आम गलती

आम गलती: जिम्नोस्पर्म को फलदार समझ लेना। जिम्नोस्पर्म में फल नहीं बनता, बीज नग्न रहते हैं।

अभ्यास प्रश्न — खुद करके देखें

  1. शैवाल का शरीर क्या कहलाता है? संकेत: थैलस।
  2. पादप जगत के उभयचर कौन हैं? संकेत: ब्रायोफाइटा।
  3. पहले संवहन पौधे कौनसे हैं? संकेत: टेरिडोफाइटा।
  4. जिम्नोस्पर्म में बीज कैसे होते हैं? संकेत: नग्न।
  5. एकबीजपत्री का एक उदाहरण दीजिए। संकेत: मक्का।

उत्तर सहित प्रश्न — बोर्ड-पैटर्न अभ्यास

ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड प्रश्नों की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।

  1. ब्रायोफाइटा को उभयचर क्यों कहते हैं? उत्तर: क्योंकि वे स्थल पर उगते हैं पर प्रजनन के लिए पानी पर निर्भर होते हैं।
  2. लाल शैवाल का रंग किस वर्णक से होता है? उत्तर: फाइकोएरिथ्रिन से।
  3. फर्न में बीज क्यों नहीं बनते? उत्तर: क्योंकि उनमें बीजाणु बनते हैं, बीज नहीं।
  4. चीड़ किस समूह का है? उत्तर: जिम्नोस्पर्म का।
  5. द्विबीजपत्री का एक उदाहरण दीजिए। उत्तर: चना।