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उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन — BSEB Class 11 Biology, Chapter 16

BSEB Class 11 Biology (Book: Jeev Vigyan) — EG के अपने शब्दों में मूल सार, हिंदी में

Original notes — ready Educational Galaxy के अपने शब्दों में Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali)

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उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन — EG के अपने शब्दों में सार

Book: Jeev Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11 Biology)  |  Chapter 16  |  Medium: हिंदी (English technical शब्द साथ में)

मानव उत्सर्जन तंत्र

मानव उत्सर्जन तंत्र में दो वृक्क, दो मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग आते हैं। वृक्क रक्त को छानकर मूत्र बनाते हैं।

वृक्क की कार्यात्मक इकाई नेफ्रॉन है। हर वृक्क में लगभग दस लाख नेफ्रॉन होते हैं।

मूत्र बनने की प्रक्रिया

मूत्र बनने में तीन चरण होते हैं — ग्लोमेरुलर निस्यंदन, पुनरावशोषण और स्रवण।

निस्यंदन में रक्त का तरल भाग छनता है, पुनरावशोषण में उपयोगी पदार्थ वापस लिए जाते हैं और स्रवण में बचे अपशिष्ट मिलाए जाते हैं।

परासरण नियमन और विकार

ADH हार्मोन जल के पुनरावशोषण को बढ़ाता है — ADH कम हो तो मूत्र अधिक और पतला बनता है।

वृक्क की पथरी, मूत्र संक्रमण और वृक्क फेल होना मुख्य विकार हैं। डायलिसिस में कृत्रिम रूप से रक्त छाना जाता है।

तालिका / चार्ट — एक नज़र में

चरणक्या होता है
निस्यंदनरक्त छनता है
पुनरावशोषणउपयोगी पदार्थ वापस
स्रवणअपशिष्ट मिलाए जाते हैं

उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन — मूत्र बनने के चरण

चित्र 1: चित्र 1 में मूत्र बनने की प्रक्रिया क्रम से दिखाई गई है।

उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन — याद रखने योग्य बातें

चित्र 2: चित्र 2 में इस अध्याय की चार सबसे ज़रूरी बातें संक्षेप में दी गई हैं।

मुख्य शब्द / Key Terms

  • नेफ्रॉन: वृक्क की कार्यात्मक इकाई।
  • ग्लोमेरुलस: केशिकाओं का गुच्छा।
  • ADH: जल पुनरावशोषण बढ़ाने वाला हार्मोन।
  • मूत्र: निष्कासित अपशिष्ट द्रव।
  • डायलिसिस: कृत्रिम रक्त छनन।

याद रखें

  • नेफ्रॉन वृक्क की इकाई है।
  • मूत्र बनने के तीन चरण याद करें।
  • ADH जल को बचाता है।
  • मनुष्य यूरियोटेलिक है — मुख्य उत्सर्जी पदार्थ यूरिया है।
  • डायलिसिस वृक्क फेल होने पर किया जाता है।

परीक्षा टिप / आम गलती

आम गलती: निस्यंदन और पुनरावशोषण को एक समझ लेना। निस्यंदन में सब कुछ छनता है; पुनरावशोषण में उपयोगी पदार्थ वापस लिए जाते हैं।

अभ्यास प्रश्न — खुद करके देखें

  1. वृक्क की कार्यात्मक इकाई क्या है? संकेत: नेफ्रॉन।
  2. मूत्र बनने के तीन चरण कौनसे हैं? संकेत: निस्यंदन, पुनरावशोषण, स्रवण।
  3. ADH का कार्य क्या है? संकेत: जल के पुनरावशोषण को बढ़ाना।
  4. मनुष्य का मुख्य उत्सर्जी पदार्थ क्या है? संकेत: यूरिया।
  5. डायलिसिस कब किया जाता है? संकेत: वृक्क फेल होने पर।

उत्तर सहित प्रश्न — बोर्ड-पैटर्न अभ्यास

ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड प्रश्नों की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।

  1. पुनरावशोषण क्यों ज़रूरी है? उत्तर: क्योंकि निस्यंद में उपयोगी पदार्थ भी छन जाते हैं जिन्हें वापस लेना होता है।
  2. ADH कम होने पर मूत्र कैसा होगा? उत्तर: अधिक और पतला।
  3. ग्लोमेरुलस कहाँ स्थित होता है? उत्तर: नेफ्रॉन के बोमन संपुट में।
  4. यूरिया कहाँ बनता है? उत्तर: यकृत में।
  5. मूत्राशय का कार्य क्या है? उत्तर: मूत्र को अस्थायी रूप से संचित करना।